New Delhi: गुजरात में सूरत की सत्र अदालत ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को मानहानि के मामले में जमानत दे दी। राहुल गाँधी को मोदी सरनेम को लेकर 2019 में चुनाव के दौरान की गयी टिपण्णी ने दो साल की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ अपील दायर करने के बाद राहुल ने ट्वीट कर कहा कि वह ‘मित्रकाल’ के खिलाफ और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसमें सत्य ही उनका अस्त्र है। ‘‘ये ‘मित्रकाल’ के विरुद्ध, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है. इस संघर्ष में, सत्य मेरा अस्त्र है, और सत्य ही मेरा आसरा!”
राहुल को कुछ दिनों पहले सूरत की निचली अदालत ने दोषी ठहराते हुए दो साल के लिए जेल की सजा सुनाई थी। दरअसल, 2019 में मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में मार्च 23 को सूरत की निचली अदालत ने धारा 504 के तहत यह सजा सुनाई थी।
कोर्ट ने राहुल गांधी को जमानत दे दी है। राहुल को 15 हज़ार के मुचलके पर जमानत दी गयी है। इस मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी। अब कन्विक्शन जिससे यह तय होगा कि संसद की सदस्यता रहेगी या नही।