New Delhi: केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को लखनऊ में अमृत महोत्सव के तहत 50000 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए ‘समर्थ अभियान’ का शुभारंभ किया। ग्रामीण विकास मंत्रालय “50,000 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए समर्थ अभियान” चला रहा है जो 1 फरवरी, 2023 से शुरू हुआ और 15 अगस्त, 2023 तक आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत जारी रहेगा। समर्थ अभियान का बड़ा जोर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने पर है, विशेष रूप से महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
इस अभियान का आगाज़ करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने इस बात की प्रशंसा की कि स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का जो एनपीए 2013 में 9.58 प्रतिशत था वो अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायी नेतृत्व में घटकर 2 प्रतिशत से नीचे आ गया है। उन्होंने आग्रह किया बैंक, एसएचजी दीदीयों के उत्कृष्ट क्रेडिट प्रदर्शन को पहचानें और उनके शानदार प्रदर्शन के अनुरूप उन्हें ऋण की सुविधा प्रदान करें। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी पहल के तहत भारत विश्व में नंबर 1 बनकर उभर रहा है, इस संदर्भ में नई डिजिटल अर्थव्यवस्था में बीसी सखियों के योगदान को स्वीकार करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि भारत महिला सशक्तिकरण में भी विश्व स्तर पर मिसाल कायम कर रहा है।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अकेले उत्तर प्रदेश में ही बीसी सखियों द्वारा 5 करोड़ 57 लाख लेनदेन करके जो डिजिटल परिवर्तन लाया गया है, उसके जरिए बीसी सखियों ने न सिर्फ इतनी बड़ी आबादी को डोरस्टेप बैंकिंग के साथ अंतिम मील तक सेवाएं दी हैं, बल्कि उन्होंने अपने परिसर के भीतर छोटे आकार वाले लेनदेन करके बैकों के संसाधनों को लागत बचाने में मदद की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में बनाए जा रहे डिजिटल ग्राम सचिवालयों में प्रत्येक में बैंक सखियों की सेवाएं देने का प्रावधान भी होगा।
ग्रामीण विकास, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बीसी सखियों को अपना ‘सामर्थ्य’ दिखाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि भारत की महिलाएं हरफनमौला हैं जो न केवल रसोई घर संभालती हैं बल्कि उन्होंने बैंकों को देश के कोने-कोने में वंचित नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचाने का काम भी किया है।
