नई दिल्ली: कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों को अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना शुरू की। प्रधानमंत्री ने 29 मई, 2021 को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत, ऐसे बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए फरवरी 2022 में एक पहल शुरू की गई थी, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता या जीवित माता या पिता खो दिए हैं।

उपरोक्त पहल के अनुरूप, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने ऐसे बच्चों को बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी में माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता या जीवित माता या पिता को खो दिया है। तदनुसार, इस उद्देश्य के लिए केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में स्कॉलरशिप फॉर पीएम केयर्स चिल्ड्रन नाम से एक नई योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति भत्ता 20,000/- रुपये प्रति बच्चा प्रति वर्ष होगा जिसमें 1,000 रुपये प्रति माह मासिक भत्ता और स्कूल की फीस, किताबों व वर्दी की लागत, जूते और अन्य शैक्षिक उपकरण के लिए 8000 रुपये का वार्षिक शैक्षणिक भत्ता शामिल होगा। पहली कक्षा से 12वीं कक्षा पास करने तक बच्चों को छात्रवृत्ति डीबीटी के माध्यम से वितरित की जाएगी। योजना के तहत 2022-23 के दौरान 7.89 करोड़ रुपये की राशि से 3,945 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। इस योजना का शुभारम्भ 30 मई 2022 को प्रधानमंत्री ने किया है।

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