New Delhi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को 25वें करगिल विजय दिवस के अवसर पर लद्दाख में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह श्रद्धांजली समारोह में भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने गौरव गाथा: एनसीओ द्वारा करगिल युद्ध पर ब्रीफिंग सुनी और अमर संस्मरण: हट ऑफ रिमेंबरेंस का दौरा किया। उन्होंने वीरभूमि का भी दौरा किया।

प्रधानमंत्री ने वर्चुअल तरीके से लद्दाख में शिंकुन ला टनल प्रोजेक्ट का पहला विस्फोट भी देखा। लेह को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए शिंकुन ला सुरंग परियोजना में निमू – पदुम – दारचा रोड पर लगभग 15,800 फीट की ऊंचाई पर 4.1 किमी लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग का निर्माण किया जाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “करगिल में हमने न केवल युद्ध जीता, बल्कि हमने ‘सच्चाई, संयम और ताकत’ का एक अविश्वसनीय उदाहरण भी पेश किया।” प्रधानमंत्री ने उस समय पाकिस्तान के धोखे पर प्रकाश डाला जब भारत शांति बनाए रखने के लिए सभी प्रयास कर रहा था। उन्होंने कहा कि सच्चाई से झूठ और आतंक को घुटनों पर ला दिया गया।

आतंकवाद की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को अतीत में हमेशा हार का सामना करना पड़ा है। श्री मोदी ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने अपने अतीत से कुछ नहीं सीखा है और प्रासंगिक बने रहने के लिए आतंकवाद और छद्म युद्ध की आड़ में युद्ध जारी रखा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आतंकवादियों के नापाक इरादे कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर जवान सभी आतंकी प्रयासों को रौंद देंगे।

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत विकास के रास्ते में आने वाली सभी चुनौतियों पर काबू पा लेगा, चाहे वह लद्दाख हो या जम्मू-कश्मीर। उन्होंने याद दिलाया कि अब से कुछ ही दिनों में 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने के 5 साल पूरे हो जाएंगे और आज का जम्मू-कश्मीर सपनों से भरे एक नए भविष्य की बात कर रहा है। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में प्रगति का उदाहरण दिया और वहां जी20 बैठकें आयोजित करने, बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटन पर सरकार का ध्यान केंद्रित करने, सिनेमा हॉल खोलने और साढ़े तीन दशकों के बाद ताजिया जुलूस शुरू करने का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पृथ्वी का यह स्वर्ग तेजी से शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने लद्दाख में हो रहे विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि शिंकुन ला टनल के माध्यम से जम्मू-कश्मीर पूरे साल, हर मौसम में पूरे देश से जुड़ा रहेगा। उन्होंने कहा, “यह सुरंग लद्दाख के विकास और बेहतर भविष्य के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।”

प्रधानमंत्री ने लद्दाख के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह सुरंग उनके जीवन को और आसान बनाएगी क्योंकि क्षेत्र में खराब मौसम के कारण उनके सामने आने वाली कई कठिनाइयां कम हो जाएंगी।

प्रधानमंत्री ने लद्दाख के लोगों के प्रति सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला और कोविड-19 महामारी के दौरान ईरान से करगिल क्षेत्र के नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए व्यक्तिगत रूप से किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने उन दिनों जैसलमेर में स्थापित किए गए क्वारंटाइन क्षेत्र को याद किया जहां लद्दाख भेजे जाने से पहले ईरान से लाए गए करगिल के लोगों की जांच की जाती थी। लद्दाख के लोगों के जीवन में आसानी को बढ़ावा देने और अधिक सेवाएं प्रदान करने के सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने पिछले 5 वर्षों में बजट को 1100 करोड़ रुपये से लगभग छह गुना बढ़ाकर 6000 करोड़ रुपये करने का उल्लेख किया। पीएम मोदी ने पहली बार समग्र योजना को लागू करने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चाहे सड़क हो, बिजली हो, पानी हो, शिक्षा हो, बिजली आपूर्ति हो, या रोजगार हो, लद्दाख की हर दिशा बदल रही है।” उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत लद्दाख के 90 प्रतिशत से अधिक घरों में पीने के पानी की आपूर्ति, लद्दाख के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए आगामी सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय, पूरे लद्दाख क्षेत्र में 4जी नेटवर्क स्थापित करने के लिए काम और एनएच 1 पर हर मौसम में कनेक्टिविटी के लिए 13 किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग पर चल रहे काम का उदाहरण दिया।

प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने न्यू इंडिया की क्षमताओं और दिशा को प्रदर्शित करते हुए सेला सुरंग सहित 330 से अधिक परियोजनाएं पूरी की हैं।

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