Shimla: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिक्षा वर्तमान प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है ताकि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना कर अपना ध्येय प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आगामी 10 वर्षों में सम्पूर्ण शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और सरकार का पहला बजट शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में केन्द्रित होगा। विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय बदल रहा है और राज्य सरकार बजट में शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ नए पाठ्यक्रम शुरू करेगी ताकि विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार शिक्षा ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों की मदद के लिए सरकार ने 101 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू की है, जिससे छः हजार अनाथ बच्चे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में गोद लेगी और उनकी शिक्षा, पॉकेट मनी आदि आवश्यकताएं पूर्ण करने के लिए धन उपलब्ध कराएगी।
इस विद्यालय में अध्ययन के दौरान चटाई पर बैठकर पढ़ाई करने की बचपन की यादों का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने 17 साल की आयु में संजौली महाविद्यालय में कक्षा प्रतिनिधि का चुनाव लड़ा और अब उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेशवासियों की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से हर मुकाम हासिल कर सकते हैं और इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक भी हर तरह से निपुण और सक्षम होते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने पुराने स्कूल में आने पर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए 2 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने डिजिटल डिस्प्ले और ऑनलाइन तथा ऑफलाइन अध्ययन की सुविधा के साथ स्कूल को स्मार्ट कक्षाओं में बदलने की भी घोषणा की। स्कूल में एक डिजिटल पुस्तकालय और डिजिटल कार्यालय स्थापित किया जाएगा तथा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से प्रवेश उपलब्ध होगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने छोटा शिमला स्कूल को स्मार्ट स्कूल में बदलने के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की और कहा कि सभी घोषणाओं को दो महीने के भीतर कार्यान्वित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने गणित की शिक्षिका सावित्री देवी और मिठाई की दुकान के मालिक तिलक राज चड्डा को सम्मानित किया।
उन्होंनें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया।
उन्होंने स्कूल की पत्रिका ‘ज्ञानेश्वरी’ का विमोचन भी किया।
इससे पहले, मुख्यमंत्री बनने के उपरांत पहली बार स्कूल पधारने पर ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला के छात्रों के लिए यह गर्व की बात है कि इस विद्यालय के छात्र ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी मेहनत और लगन से प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं।
उन्होंनें कहा कि राज्य के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। क्योंकि कौशल आधारित जनशक्ति को बढ़ाने की आवश्यकता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला की प्राधानाचार्य मीरा शर्मा ने इस अवसर पर वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। स्कूली विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी बचत से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय सहायता कोष के लिए 11,000 रूपए भेंट किए।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.