New Delhi: रविवार 28 मई को देश को संसद का नया भवन मिला। इस नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. नए भवन के उद्घाटन को लेकर विपक्षी दलों द्वारा विरोध भी किया गया।
कांग्रेस सहित 19 विपक्षी पार्टियों ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बायकॉट किया है। इन पार्टियों ने भवन का उद्घाटन का विरोध यह कहकर किया की उद्घाटनकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बजाय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होना चाहिए।
नए संसद में लोकसभा भवन को राष्ट्रीय पक्षी मयूर और राज्यसभा को राष्ट्रीय फूल कमल की थीम पर डिजाइन किया गया है। ओल्ड लोकसभा में अधिकतम 552 व्यक्ति बैठ सकते हैं। नए लोकसभा भवन में 888 सीटों की क्षमता है। पुराने राज्यसभा भवन में 250 सदस्यों के बैठने की जगह है, वहीं नए राज्यसभा हॉल की क्षमता को बढ़ाकर 384 किया गया है।
नए संसद भवन की संयुक्त बैठक के दौरान वहाँ 1272 सदस्य बैठ सकेंगे। नए भवन में सभी सांसदों के लिए अलग ऑफिस रहेगा जो ‘पेपरलेस ऑफिस’ के तहत जिसमे मॉडर्न डिजिटल फैसिलिटी होंगी।
नए भवन में एक भव्य कॉन्स्टिट्यूशन हॉल होगा जिसमें इंडियन डेमोक्रेटिक हेरिटेज प्रदर्शित होगा। साथ हीं इंडियन कंस्टीटूशन की ओरिजिनल कॉपी को भी रखा जाएगा। इस नए सांसदों के बैठने के लिए बड़ा हॉल, एक लाइब्रेरी, कमिटी मेंबर्स के लिए कई कमरे, डाइनिंग हॉल होगा। लगभग 65000 स्क्वायर मीटर में फैला हुआ यह नया संसद भवन है। जबकि मौजूदा संसद भवन से 17,000 स्क्वायर मीटर अधिक है।
इस नए भवन को बनाने का ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को मिला था। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने 2020 में लगभग 862 करोड़ रुपये की बोली लगाकर इसका प्रोजेक्ट टेंडर अपने नाम किया था।
