New Delhi: महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के नवसारी में लखपति दीदियों के साथ भावपूर्ण संवाद किया और महिला सशक्तिकरण के महत्व तथा समाज में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही, आज पूरी दुनिया महिला दिवस मना रही है, लेकिन हमारी तो परंपराओं और संस्कृति में ही इसकी शुरुआत मां के प्रति श्रद्धा, ‘मातृ देवो भव’ से होती है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए साल का हर दिन ‘मातृ देवो भव’ है।

लखपति दीदियों में से एक ने शिवानी महिला मंडल के साथ काम करने का अपना अनुभव साझा किया, जहां वे सौराष्ट्र के सांस्कृतिक शिल्प, मोतियों के काम से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने 400 से अधिक बहनों को मोतियों के काम का प्रशिक्षण दिया है, जबकि अन्य बहनें मार्केटिंग और अकाउंटिंग का काम संभालती हैं। प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या मार्केटिंग टीम राज्य के बाहर भी जाती है, जिस पर उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों का दौरा किया है। प्रतिभागी ने एक अन्य लखपति दीदी, पारुल बहन की सफलता पर प्रकाश डाला, जो 40,000 रुपये से अधिक कमाती हैं। इस तरह से, लखपति दीदियों की उपलब्धि को स्वीकार किया गया। श्री मोदी ने तीन करोड़ लखपति दीदियों को बनाने का अपना सपना व्यक्त किया और उन्होंने माना कि यह आंकड़ा पांच करोड़ तक पहुंच सकता है।

एक अन्य लखपति दीदी ने 65 महिलाओं के साथ मिश्री (शुगर कैंडी) से सिरप बनाने की अपनी यात्रा साझा की, जिससे उन्हें 25 से 30 लाख रुपये का वार्षिक कारोबार हासिल हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए मंच ने उन्हें असहाय महिलाओं की सहायता करने और उनके बच्चों को शिक्षित करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने अपने प्रयासों के बारे में आगे बताया और कहा कि उन्होंने अपनी मार्केटिंग गतिविधियों के लिए वाहन भी खरीदे हैं। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री होने से परे, एक सामान्य व्यक्ति के रूप में अधिकांश लखपति दीदियों के स्टॉल का दौरा किया और यह उनके लिए सामान्य बात थी।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!